21 से 23 मार्च तक चला “स्वास्थ्य दल आपके द्वार” अभियान
जैसलमेर । मच्छरजनित बीमारियों डेंगू-मलेरिया-चिकनगुनिया के साथ स्क्रब टाइफस और स्वाइन फ्लू से बचाव व मच्छरों की तादाद पर प्रभावी नियंत्रण हेतु पूरे प्रदेश में 21 से 23 मार्च तक 3 दिवसीय विशेष अभियान “स्वास्थ्य दल आपके द्वार” चलाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल बुनकर ने बताया कि जैसलमेर जिले में भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को अंजाम दिया नर्सिंग विद्यार्थी व चिकित्सा विभाग के कार्मिकों ने। इन्होने एंटीलार्वा स्क्वॉड के सिपाही बनकर जिले भर में घर-घर जाकर मच्छर रोधी गतिविधियों प्रदर्शन कर जन-जागरण किया ताकि आमजन को घरेलू मच्छर प्रजनन केंद्रों वाले बर्तनों टँकीयो, परिन्डों, कबाड़ के सामान, कूलर, फ्रिज की डीफ्रॉस्ट ट्रे, मनी प्लांट, नाली, आदि में पनप रहे मच्छरों से निजात पाने और डेंगू-मलेरिया-चिकनगुंयिया-स्वाइन फ्लू की मुलभुत जानकारी देने के साथ व्यक्तिगत बचाव के तरीकों से अवगत कराकर इन बीमारियों के रोकथाम मे आमजन की सहयोग और सहभागिता ली जा सके।अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता द्वारा अभियान में गई गतिविधियों की समीक्षा की गई, जिसमे उन्होंने अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सब मिल कर ही इन बीमारियों को हरा सकते है। विदित रहे कि उनके किये जारी निर्देशानुसार पूरे राज्य में एक साथ अभियान "स्वास्थय दल आपके द्वार" चलाकर मच्छर जनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण व आम जन को इस लड़ाई से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एम डी सोनी ने बताया कि “स्वास्थ्य दल आपके द्वार” अभियान का मूल उद्देश य आमजन को मौसमी बीमारियों के रोकथाम और खासकर व्यक्तिगत बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया जाना था। इस हेतु जिला व खण्ड स्तर पर विभिन्न बैठकें कर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का आमुखीकरण किया गया है ताकि धरातल पर वांछित गतिविधियों को अमली जामा पहनाया जा सके। जिला मुख्यालय स्तर पर नर्सिंग विद्यार्थियों के दल बनाए गए, जिन्होंने वार्ड की जिम्मेदारी लेते हुए घर-घर भ्रमण किया। घरों में व आस-पास मच्छर पैदा होने के मुख्य स्थानों से रू-ब-रू करवा और नियमित एंटीलार्वल गतिविधियाँ करने के लिए प्रेरित किया।
शहरी क्षेत्र में नर्सिंग विद्यार्थियों द्वारा सर्वे किया गया तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने अभियान को गति दी। अभियान के लिए जिला प्रशासन के नेतृत्व में नगर परिषद्, शिक्षा विभाग, पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों व संस्थाओं का सहयोग लिया गया।
एपीडेमियोलोजिस्ट डॉ. जालम सिंह ने जानकारी दी कि घरों में जाने से पहले सार्वजनिक स्थलों को टारगेट किया गया। अस्पतालों, रैन बसेरों, विद्यालयों, कार्यालयों व अन्य कार्य स्थलों पर एंटी लार्वल एक्टिविटी द्वारा सोर्स रिडक्शन की कार्यवाही स्वयं परिसर प्रभारियों द्वारा करवाने के प्रयास किये गए। उन्होंने बताया कि अभियान की पूरी कार्ययोजना राज्य स्तर से मिली है, जिसके अनुसार व्यापक तैयारियों के लिए सभी खण्ड स्तरीय बैठकों से लेकर वीएचएससी व महिला आरोग्य समिति स्तर की बैठकों में एंटी लार्वल गतिविधियों पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त अभियान के दौरान विशेष दलों द्वारा रैनबसेरों, RBSK दलों द्वारा विद्यालयों- छात्रावासों की मौसमी बीमारियों के लिए स्क्रीनिंग की गई है।
स्थानीय निकायों के सहयोग से उनके अधीन क्षेत्रों में पानी भरे गड्डो को भरवाने जैसे सोर्स रिडक्शन और फोगिंग गतिविधिया करने हेतु वीभाग की और से निवेदन किया गया है। आमजन ने भी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अभियान में सहयोग प्रदान किया । आखिर सबके मिल कर कार्य करने से ही इन बीमारियों को हराया जा सकता है। अभियान में 163 दलों द्वारा 13484 घरों का सर्वें किया गया जिसमें 76755 लोगों को लाभान्वित किया गया। अभियान मे 341 बुखार और 5206 आई एल आई रोगियों को चिन्हित कर उपचारित क़िया गया। मच्छरो के नियंत्रण हेतु 13642 जल स्रोतों में टेमिफोस डाला गया।
"मच्छरों की फेक्ट्रियां बंद करवाने के लिए आमजन को किया जागरुक"
Reviewed by wadhwani news
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March 23, 2018
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