जैसलमेर । सन्त उद्धवदास कन्हैया गौशाला में पंचगव्य चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। चिकित्सा शिविर में गव्यसिद्ध डॉ. अनीता शर्मा द्वारा पंचगव्य चिकित्सा परामर्श दिया गया। बुधवार सुबह 10 बजे से ही मरीजों को चिकित्सा परामर्श देना शुरू किया गया एवं सायं 4 बजे तक शिविर का आयोजन किया।
शिविर में शुगर के मरीजों की अधिकता रही तथा चिकित्सक द्वारा बताया गया कि शुगर बीमारी के बढ़ने का कारण गेहूं का अधिक उपयोग हैं । जबसे गेहूं का उपयोग बढ़ा हैं तभी से ही शुगर की बीमारी बढ़ने लगी हैं । इसलिए शुगर के मरीजों को गेहूं का उपयोग कम करना चाहिए। इसी के साथ घुटनों एवं जोड़ों के दर्द से ग्रस्त मरीजों को बताया गया कि घी एवं तेल के माध्यम से शरीर में पहुंचने वाला चिकनापन अब रिफाइण्ड तेल एवं बाजार के घी में नहीं हैं तथा घाणी के शुद्ध तेल एवं देशी गाय का प्राकृतिक विधि से बनाया घी का उपयोग ही इन बीमारियों का समाधान हैं। उनके द्वारा शिविर में यह भी बताया गया कि स्वदेशी चिकित्सा पद्धति के रूप में पंचगव्य चिकित्सा पद्धति का कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं तथा यह औषधि सहज ही सभी के पास उपलब्ध हैं बस थोड़ी सी जानकारी की जरूरत हैं।
शिविर संचालक राजेन्द्र अवस्थी ने बताया कि आज 25 मरीजों का पंचगव्य चिकित्सा के माध्यम से इलाज किया गया हैं जिनमें कई मरीज पुराने हैं जिन्हें इन औषधियों का फायदा हुआ हैं। शिविर में गौशाला व्यवस्थापक दुर्गाराम, तेल घाणी संचालक मनोहर खत्री आदि ने अपना अमूल्य समय देकर शिविर को सफल बनाया।
शिविर में शुगर के मरीजों की अधिकता रही तथा चिकित्सक द्वारा बताया गया कि शुगर बीमारी के बढ़ने का कारण गेहूं का अधिक उपयोग हैं । जबसे गेहूं का उपयोग बढ़ा हैं तभी से ही शुगर की बीमारी बढ़ने लगी हैं । इसलिए शुगर के मरीजों को गेहूं का उपयोग कम करना चाहिए। इसी के साथ घुटनों एवं जोड़ों के दर्द से ग्रस्त मरीजों को बताया गया कि घी एवं तेल के माध्यम से शरीर में पहुंचने वाला चिकनापन अब रिफाइण्ड तेल एवं बाजार के घी में नहीं हैं तथा घाणी के शुद्ध तेल एवं देशी गाय का प्राकृतिक विधि से बनाया घी का उपयोग ही इन बीमारियों का समाधान हैं। उनके द्वारा शिविर में यह भी बताया गया कि स्वदेशी चिकित्सा पद्धति के रूप में पंचगव्य चिकित्सा पद्धति का कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं तथा यह औषधि सहज ही सभी के पास उपलब्ध हैं बस थोड़ी सी जानकारी की जरूरत हैं।
शिविर संचालक राजेन्द्र अवस्थी ने बताया कि आज 25 मरीजों का पंचगव्य चिकित्सा के माध्यम से इलाज किया गया हैं जिनमें कई मरीज पुराने हैं जिन्हें इन औषधियों का फायदा हुआ हैं। शिविर में गौशाला व्यवस्थापक दुर्गाराम, तेल घाणी संचालक मनोहर खत्री आदि ने अपना अमूल्य समय देकर शिविर को सफल बनाया।
पंचगव्य चिकित्सा शिविर कन्हैया गौशाला में सम्पन्न, 25 मरीजों का इलाज किया गया
Reviewed by wadhwani news
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March 15, 2018
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