इंडियन इंटेलीजेंसी एजेंसी ने 42 एप चिन्हित किए, जो आपकी निजी जानकारियों के लिए खतरा बन चुके हैं
— कही यह सायबर अटैक तो नहीं ?— भारत सरकार के परिपत्र की अनदेखी ?
जैसलमेर । स्मार्ट फोन रखकर आप भले ही खुद को कितना ही स्मार्ट समझें, लेकिन आपको यह पता ही नहीं चलता कि रोजाना आपका कितना डाटा चोरी हो रहा है। इंडियन इंटेलीजेंसी एजेंसी ने ऐसे 42 एप चिन्हित किए हैं, जो आपकी निजी जानकारियों के लिए खतरा बन चुके हैं। इनमें से अधिकांश एप चीनी कंपनी द्वारा बनाए गए हैं। राज्य सरकारों को इस एप को लेकर जागररूकता अभियान चलाने की हिदायत दी गई, लेकिन राजस्थान में ऐसा नहीं हुआ।सायबर अटैक ?
इंडियन इंटेलीजेंसी एजेंसी (आईआईए) ने एक सर्वे में पाया कि 42 मोबाइल एप्लीकेशन ऐसे हैं, जो गुपचुप आपकी जानकारियां चुराकर बाहर भेज रहे हैं। यह भारत के खिलाफ सायबर अटैक की तरह है। आम जनता को इन एप की जानकारी देने के लिए सभी 42 एप की सूची दिसंबर 2017 में जारी की गई थी।भारत सरकार के परिपत्र की अनदेखी ?
भारत सरकार ने एक परिपत्र जारी कर राज्यों को हिदायत दी थी कि वे आम जनता को इन एप के बारे में जागरूक बनाएं। लगभग ढाई महीने बीत जाने के बाद भी जैसलमेर समेत पूरे राजस्थान में ऐसा कोई अभियान या कार्यक्रम शुरू नहीं किया गया।42 में से आठ एप ज्यादा प्रचलन में
पड़ताल में पाया गया है कि इन 42 में से आठ एप ऐसे हैं, जिनका लगभग हर मोबाइल यूजर्स इस्तेमाल करते हैं। ये एप डाउन लोड करने के पूर्व आपसे आपका डाटा शेयर करने की इजाजत मांगते हैं और आप अंजाने में ही यस कर देते हैं। आईआईए की तरफ से जारी सर्कुलर में इन एप्लीकेशन को माल-वेयर और स्पेवेयर के बराबर बताया है। इंडियन आर्मी को तो इन एप्लीकेशन पर तत्काल रोक लगाने के लिए कहा गया है।केन्द्र की ओर से राज्य सरकारों को भी हिदायत
केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को भी कहा है कि वे अपने यहां एप्स रोके, क्योंकि इसके जरिए डाटा चोरी होने का खतरा है। मसलन यदि राजस्थान सरकार के ईमेल का इस्तेमाल मोबाइल से हो रहा है और उसमें इन 42 में से कोई भी एप्लीकेशन इंस्टॉल है तो डाटा आसानी से चोरी हो जाएगा। उसी प्रकार नेट बैंकिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एम-पिन और टी-पिन भी इन एप के जरिए बाहर पहुंचते हैं।इंस्टॉल न करके ही आप इन्हें रोक सकते हैं
आईआईए ने यह सूची तीन महीने पहले जारी की थी और यह सही भी है। सायबर हमले से निपटने का एकमात्र तरीका जागरूकता ही है। दिक्कत यह है कि एंड्राइड हमारे यहां से ऑपरेट नहीं होता है, इसलिए इस पर हमारा कंट्रोल भी नहीं है। दूसरी बात भारत सरकार के सामने भी ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई, जिससे कि इन एप के जरिए कोई गड़बड़ी हुई हो। ऐसे में इन्हें सीधे बैन करना तो मुश्किल है, लेकिन इंस्टॉल न करके ही आप इन्हें रोक सकते हैं। यह भारत की सुरक्षा में हमारा और आपका सहयोग होगा।
स्मार्ट फोन : एप के जरिए मोबाइल यूजर्स के डाटा चोरी होने का खतरा
Reviewed by wadhwani news
on
March 01, 2018
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