— शिक्षा विभाग के मुख्य द्वारा के आगे यह खुला नाला सब कुछ बता रहा है कि पॉलीथीन पर कितनी रोकथाम है और शहर में कितनी सफाई है
जैसलमेर । नगरपरिषद द्वारा सरकारी धनराशि खर्च कर जागरूकता के लिए लिखे गए नारे थोथे साबित हो रहे हैं और उसी की नाक के नीचे उसकी पोल भी खोल रहे हैं । यह तस्वीर नगरपरिषद के समीप सामने की पंक्ति में शिक्षा विभाग माध्यमिक का दफ्तर है । शिक्षा विभाग के मुख्य द्वारा के आगे यह खुला नाला सब कुछ बता रहा है कि पॉलीथीन पर कितनी रोकथाम है और शहर में कितनी सफाई है। इसके अलावा यह सीवरेज सिस्टम की भी पोल खोल रहा है ।प्लास्टिक और गंदगी से सटा यह नाला न केवल सफाई की पोल खोल रहा है वरना यह किसी दुर्घटना को भी खुला निमंत्रण दे रहा है । लेकिन जिम्मेदार लोगों ने न तो इस ओर ध्यान दिया और न ही इसको दुरस्त करने के लिए किसी प्रकार की कार्यवाही अमल में लाई है ।
नगरपरिषद के नाक के नीचे गंदगी का आलम तो अन्य क्षेत्र का क्या हाल
नगर परिषद एक ओर स्वच्छता अभियान चला रही है तो दूसरी ओर कूड़े से पटा नाला अभियान की पोल खोल रहा है। खुले नाले से निकलती दुर्गंध से आस-पास के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों, आने वाले लोगों और राहगीरों के लिए सांस लेना दूभर हो गया है। यह आलम नगरपरिषद के नाक के नीचे शिक्षा विभाग के समीप की है और पास ही में न्यायालय भी है । ऐसे में अन्य क्षेत्र का क्या हाल होगा?पालीथिन से अटे नाले, कैसे हो पानी की निकासी
करीब दो माह पूर्व चलाए गए अभियान में नाले, नालियों, सीवर से निकाले गए कूड़े के ढेरों ने यह दर्शा दिया था कि कूड़े के डंप की व्यवस्था नहीं है। नाले-नालियों से हजारों क्विंटल पॉलिथिन निकाला गया, लेकिन पूरे शहर की नाले नालियां साफ नहीं हो पाई। कचरा वापस नालियों, सीवर में जा रहा है। शहर के सीवर, नाले नालियां, पोलिथिन से अटे हैं। ऐसे में गंदे पानी की निकासी कैसे हो सकती है।
थोथे नारे खोल रहे पोल : शिक्षा विभाग के सामने नाला चोक, बेखबर नगरपरिषद
Reviewed by wadhwani news
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February 24, 2018
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