जैसलमेर । जिला मजिस्ट्रेट कैलाशचन्द मीना ने जिले में होली एवं धुलण्डी के त्यौंहार पर साम्प्रदायिक सद्भावना तथा कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए निषेधाज्ञा जारी कर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत प्रावधानों एवं प्रतिबन्धों को लागू किया है।
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मीना की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले में किसी भी सम्प्रदाय का कोई भी व्यक्ति ऐसे ऑडियो कैसेट्स आदि नहीं चलाएगा और न ही ऐसे नारे लगाएगा जिससे अन्य सम्प्रदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुचती हो। कोई भी व्यक्ति रंग इस तरह से नहीं खेलेंगें जिससे किसी दूसरे सम्प्रदाय की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचती हो एवं किसी धार्मिक स्थान, दुकान पर रंग गुलाल गुब्बारे आदि नहीं फेकेंगे और न ही किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे। रंग भरे गुब्बारे घातक रसायन धूल, कीचड, ऑयल पेन्ट आदि का उपयोग नहीं करेंगे एवं रंग खेलने के लिए अनिच्छुक व्यक्ति को न तो रंग लगायेंगे एवं न ही उन पर रंग फेंकेगे।
इसी प्रकार किसी व्यक्ति या उनके वाहनों पर उनकी अनिच्छा के होते हुए इस प्रकार से रंग इत्यादि नहीं डाले जाएंगें जिससे उनकी साम्प्रदायिक या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती हो। कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के आग्नेय शस्त्र जैसे रिवाल्वर पिस्टल राइफल बन्दूक एवं एमएन गन आदि तथा तेज धारदार हथियार लाठी स्टीक इत्यादि साथ लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं घूमेगा एवं न ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन करेगा।
सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परम्परा के अनुसार नियमानुसार निर्धारित क्रपाण रखने की छूट होगी। यह प्रतिबंध सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान शस्त्र पुलिस, सिविल पुलिस, होमगार्ड सेना एवं उन राज्य एवं केन्द्र कर्मचारियों पर जो कि कानून शान्ति व्यवस्था के संबंध में अपने पास हथियार रखने को अधिकृत किए गए है उन पर लागू नहीं होगा।
इसी तरह कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा न ही किसी को सेवन करवायेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं को छोडकर कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के कारण छोडकर किसी अन्य उपयोग हेतु सार्वजनिक स्थलों मे से मदिरा आवागमन नहीं करेगा।
यह आदेश 26 फरवरी से लागू होगा जो 4 मार्च तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश की अवहेलना करने पर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 एवं अन्य विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मीना की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले में किसी भी सम्प्रदाय का कोई भी व्यक्ति ऐसे ऑडियो कैसेट्स आदि नहीं चलाएगा और न ही ऐसे नारे लगाएगा जिससे अन्य सम्प्रदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुचती हो। कोई भी व्यक्ति रंग इस तरह से नहीं खेलेंगें जिससे किसी दूसरे सम्प्रदाय की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचती हो एवं किसी धार्मिक स्थान, दुकान पर रंग गुलाल गुब्बारे आदि नहीं फेकेंगे और न ही किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे। रंग भरे गुब्बारे घातक रसायन धूल, कीचड, ऑयल पेन्ट आदि का उपयोग नहीं करेंगे एवं रंग खेलने के लिए अनिच्छुक व्यक्ति को न तो रंग लगायेंगे एवं न ही उन पर रंग फेंकेगे।
इसी प्रकार किसी व्यक्ति या उनके वाहनों पर उनकी अनिच्छा के होते हुए इस प्रकार से रंग इत्यादि नहीं डाले जाएंगें जिससे उनकी साम्प्रदायिक या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती हो। कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के आग्नेय शस्त्र जैसे रिवाल्वर पिस्टल राइफल बन्दूक एवं एमएन गन आदि तथा तेज धारदार हथियार लाठी स्टीक इत्यादि साथ लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं घूमेगा एवं न ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन करेगा।
सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परम्परा के अनुसार नियमानुसार निर्धारित क्रपाण रखने की छूट होगी। यह प्रतिबंध सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान शस्त्र पुलिस, सिविल पुलिस, होमगार्ड सेना एवं उन राज्य एवं केन्द्र कर्मचारियों पर जो कि कानून शान्ति व्यवस्था के संबंध में अपने पास हथियार रखने को अधिकृत किए गए है उन पर लागू नहीं होगा।
इसी तरह कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा न ही किसी को सेवन करवायेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं को छोडकर कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के कारण छोडकर किसी अन्य उपयोग हेतु सार्वजनिक स्थलों मे से मदिरा आवागमन नहीं करेगा।
यह आदेश 26 फरवरी से लागू होगा जो 4 मार्च तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश की अवहेलना करने पर दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 एवं अन्य विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।
जैसलमेर जिले में होली पर्व पर कानून व्यवस्था के लिए निषेधाज्ञा जारी
Reviewed by wadhwani news
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February 26, 2018
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