— यहां रावण की नियमित होती है पूजा, दशहरा को शोक दिवस के रूप में मनाते है वंशज— मान्यता है कि रावण की बारात में जोधपुर आए उसके कुछ वंशज यहीं पर बस गए जो अब भी रावण की पूजा करते है— जोधपुर के एक मंदिर में स्थापित रावण की प्रतिमा भी स्थापित है
जोधपुर । कल शनिवार को दशहरा है और इस दिन असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक दशहरा कर पूरे देश में मनाया जाएगा तथा रावण का दहन किया जाएगा। इस दिन पूरा देश जहां खुशी मनाएगा वहीं जोधपुर में कुछ लोग ऐसे है जो दशानन दहन का बाकायदा शोक मनाते है। ये लोग स्वयं को रावण का वंशज मानते है। ऐसी मान्यता है कि मंदोदरी के साथ रावण का विवाह जोधपुर में हुआ था। उस समय बारात में आए ये लोग यहीं पर बस गए। इन लोगों ने रावण का मंदिर बनवा रखा है और नियमित रूप से रावण की पूजा करते है।गौरतलब है कि जोधपुर के मेहरानगढ़ फोर्ट की तलहटी में रावण और मंदोदरी का मंदिर स्थित है। गोधा गौत्र के ब्राह्मणों ने यह मंदिर बनवा रखा है। इस मंदिर में रावण व मंदोदरी की अलग-अलग विशाल प्रतिमाएं स्थापित है। दोनों को शिव पूजन करते हुए दर्शाया गया है।
दशहरे पर रावण दहन : पूरे देश में खुशी लेकिन जोधपुर में होता है शोक
Reviewed by wadhwani news
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September 29, 2017
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