— बहुमूल्य दुर्लभ जैन मूर्तियों को जिले से बाहर ले जाने की कवायद का हुआ विरोध
जैसलमेर । जिले की धरोहर पर बुरी नियत का ग्रहण लग रहा है । यहां की सैंकड़ो साल पुरानी बहुमूल्य और दुर्लभ जैन मूर्तियों को कुछ स्वार्थी तत्व बाहर ले जाने की कवायद कर रहे हैं जिसमें जिले के कुछ स्वार्थी जैन धर्मावलम्बियों के हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता है ।जानकारी अनुसार शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध सोनार दुर्ग में स्थित जैन मंदिर से एक या अधिक जैन मूर्तियों को बाहर भेजने की योजना आउट होने पर क्षेत्रीय सभा जैन ट्रस्ट जैसलमेर द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक को एक पत्र के जरिये इन मूर्तियों को जिले से बाहर ले जाने से रोकने का निवेदन किया गया है । इसकी जानकारी होने पर जागरूक किले के निवासियों और जैसलमेर विचार मंच के गोगा माराज ने इसे रोकने की क़वायद शुरु की और मीडिया को इसकी जानकारी दी गई । गोगा माराज ने इन दुर्लभ जैन मूर्तियों को जैसलमेर जिले की धरोहर बताया और कहा कि भगवान महावीर मूर्ति 600 साल पुरानी है । अगर इस तरीके से यह मूर्तिया ले जाई गई तो आने वाले दिनों मंदिर खाली हो जाएंगे
स्वर्णनगरी सहित यह जिला कई ऐतिहासिक धरोहरों का साक्षी है, जिसमे जैन धरोहर भी सम्मिलित है । ऐसी ही प्राचीन जैन धरोहर (प्राचीन जिन प्रतिमायें) जिले के जैन मंदिरो में विराजमान है जिनकी देखभाल जैन समाज अपने स्तर पर ही करती है ।
जिले की धरोहर पर बुरी नजर ! जैन मूर्तियों को खतरा, जिले से बाहर ले जाने की योजना !
Reviewed by wadhwani news
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September 29, 2017
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