जैसलमेर । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् द्वारा शनिवार सुबह 11 बजे स्थानीय एसबीके राजकीय महाविद्यालय मे मॉ भारती के अमूल्य रत्न, देश के शिखर पुरुष, आदर्श स्वयंसेवक, प्रखर राजनेता, समर्पित राष्ट्र प्रहरी एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्धांजलि सभा रखी गई ।एबीवीपी के जिला संयोजक शंम्भुसिह सोंढा ने बताया की सभा में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जेके पुरोहित ने कहा की, वर्तमान भारतीय राजनीति में सता या विपक्ष मे रहते हुए जन श्रद्धा का केन्द्र बने रहना उतना ही दुष्कर है जितना कि आज चांद पर पहुचना । अटल बिहारी वाजपेयी 12 साल से बिस्तर पर रहे पर कोई दिन ऐसा नहीं गया होगा जब उनकी चर्चाएं करोडो़ं घरों में नित नहीं होती रही होगी । उनके जीवन में संतुलित सामाजिक व्यवहार ने देश में उनकी स्वीकार्यता बढाई । पुरोहित ने कहा की दुनिया का सबसे कठिन काम होता है प्रतिद्वंदी के मन मे श्रद्धा उपजा लेना वे भारत के अकेले राजनीतिज्ञ रहे जिन्होने विरोध में रहकर भी सताधारीयो के मन में श्रद्धा का भाव पैदा किया ।
बाड़मेर विभाग संगठन मंत्री भवानी शंकर शर्मा ने कहा अटल जन्मे जरूर ग्वालियर में थे पर भारत का कोई कोना नहीं था जो उन पर गर्व नही करता था । कश्मीर से कन्याकुमारी तक उन्होने अपने अथक वैचारिक परिश्रम से अद्भुत पहचान बनाई थी । वे प्रतिभा को मरने नही देते थे वे प्रतिभा को पलायन करने नही देते थे ।
एबीवीपी के जिला प्रमुख मोहनलाल प्रजापत ने कहा की सन् 1975 मे जब भारत में इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाई तब भी उन्होने जेल की सलाखो को स्वीकार किया पर इंदिरा गांधी के सामने झुके नही । जेल में भी उन्होने साहित्य लिखा ।
विद्यार्थी परिषद् के पूर्व जिला प्रमुख नेमीचंद गर्ग ने कहा की अटल जी बालको से, कांपते हाथो वाले वृद्ध के मन में भी अपना स्थान सदा बनाते रहे । वाजपेयी जी से हम सभी की स्मृतिया जुड़ी हुई है और उनमे हर स्मृति प्रेरणादायी रहेगी ।
जिला संयोजक शंम्भुसिह सोंढा ने बताया की वाजपेयी देश के जन-गण-मन को जीतते रहे उन्होने भारत की राजनीति मे एक ऐसी लकीर खीची की यदि आप भारत माता की सेवा करना चाहते है तो सिर्फ सता मे रहकर ही नहीं बल्कि विपक्ष मे रहकर भी एक राष्ट्र प्रहरी के रूप मे सेवा कर सकते है विपक्ष मे रहकर भारतीय मन मानस मे श्रद्धा की फसल उगाना सामान्य घटना नही है ।सभा मे अटल जी की कविताओ का पठन किया ।
परिषद् के कार्यकर्ता श्रीकांत व्यास ने कहा की पोकरण को विश्व पट्टल पर अंकित करने का श्रेय अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है आज भी पोकरण को परमाणु नगरी के नाम से जाना जाता है ।
इस अवसर पर संघ के नगर संघचालक पुराराम, छात्रनेता महेन्द्रसिह करड़ा, रघुवीरसिह दवाड़ा,कृष्णा भाटिया, नरेन्द्र गोयल, भोजराजसिह छतांगर,जनकसिह,पारस सुथार, नेपालसिह, सवाई सुथार,सुजानसिह बलाई ,दशरथ फुलिया, सचिन शर्मा, हरिसिंह दव,टिकम सैन,चुतरसिह डेलासर, महेश गर्ग,शिवराज सोढा,जसु भाटी,हरिसिह छायण, अमृत मुलाना सहित महाविद्यालय के कई छात्र उपस्थित रहे ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने दी भारत रत्न को श्रद्धांजलि
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August 18, 2018
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